सुप्रभात, सवेरा, सूरज शायरी




कुछ चिजे बदलते देर नही लगती ।
जब हम स्कूल जाते थे तो रोज सुबह उठ जाते थे ।
और आज क्या हम स्कूल से दूर हुए देर तक सोते रहते है ।
आदत बदलो चलो सुबह हो गयी जल्दी उठ जाओ ।
शुभ प्रभात


क्या होगा सुबह जल्दी उठने से कौन सा कही जाना है ।
ये मेरि सोच हुआ करती थी माँ ने कहाँ एक दिन सुबह उठके तो देखो ।
सही हि कहाँ था उनहोने सुबह एक अलग हि शांति होती है वातावरण मे ।
जो आपको कभी देर तक सोने से नही मिल सकता ।
शुभ प्रभात ।


सुप्रभात, सवेरा, सूरज शायरी
 सुप्रभात, सवेरा, सूरज शायरीसुप्रभात, सवेरा, सूरज शायरी 

By Shivam Kumar Mishra