chand Shayari, Chanda, Chandra, Raat Image, Khubsurat Chand Photo

चाँद की क्या मजाल ।

वो अपनी खूबसूरती पर इतराये ।

उसके जैसे कितने चाँद धरती पे खुले पड़े है ।



चाँद कैसे अपनी चांदनी को ।

सबके साथ बाट लेता है ।

मैं तो सपने मे भि अपनी रौशनी को ना बाटू  ।


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By Shivam Kumar Mishra