Dil, dhadkan, dhadak, dil Image

बेचारा दिल ।

इश्क करे कोई और यारा ।

सितम सहे ये दिल बेचारा ।

ये है सबका ।

पर इसका ना कोई यारा ।



दिल आशिको के मेहफिल मे ।

सरेआम  निलाम होते है ।

हर शाम होते है ।

तोड़ दिये जाते है ।

मशल दिये जाते है ।


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By Shivam Kumar Mishra

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