Ganga, Paani, Jal, Dariya, Nadi, Nadi Image

 

गंगा  शायरी


 


गंगा खुद ही मैली होती जा रही है ।

हमारे पाप धोते धोते ।

माता गंगा कराह रही है ।

हमे छोड़कर जा रही है ।

वो दिन भि दूर नहीं ।

जब माता धरती से चली जायगी ।



जिसका पानी अमृत हुआ करता था ।

आज वो जल जेहेर बन चुका है ।

वो भि हमारी गलतियो ने ।

प्रदुशित किया है जल को ।

छिंन ना ले हमारे कल को ।


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Nadi Image
 
 

By Shivam   Kumar Mishra