Jindagi Shayari, Jindagaani, Jeevan, ladka Image

 

ज़िंदगी शायरी


 

ज़िंदगी बड़ी जालिम है ।

 कातिल भि बनाती है और जटिल भि ।



हम सब कातिल है यहाँ ।

अपनी ज़िंदगी का है गला घोट देते है ।



बहोत ज़िलिया दूसरों के सहारे ।

अब दूसरो को सहारा देने की बारी हमारी है ।


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Ladka Image
 

By Shivam Kumar Mishra