Jindagi Shayari, rangeen, Jeevan, Aasman

ज़िंदगी इद्रधनुश की तरह रंगीन है ।

क्यी रंग दिखाती है ।

ज़िना सिखाती है ।



ज़िंदगी मे इतने रंग है ।

जितने इद्रधनुश मे भि नहीं है ।



इद्रधनुश के रंग हमे पसंद आते है ।

पर ज़िंदगी के रंग नहीं ।

ऐसा क्यू ।


ज़िंदगी तो बहोत बेरंगी है हमारी ।

पता नहीं इद्रधनुश क्या सोचकर किसी ने मेरा नाम रखा था ।


Jindagi Shayari, rangeen, Jeevan,  Aasman
 Rainbow Image
 

By Shivam Kumar Mishra