Pyaar, Ishq, Ashiqi, Prem, Gulaab Image

प्यार जो धाई अक्षर का शब्द है ।

वो प्यार क्यी रिश्तो पर अकेले भारी पड़ता है ।

क्यी बार तो ज़िंदगी और मौत पर भि भारी पड़ता है ।



प्यार की वेकसीन नहीं है ।

ये अगर एक बार हो जाये ।

तो ज़िंदगी को मौत बना देती है ।

और मौत को ज़िंदगी ।



प्यार के बिना हम अधूरे है ।

प्यार खुद ही अधूरा है तो हमे पूरा कैसे कर सकता है ।

हम कोई तस्वीर थोड़ी है जो अधूरे है ।


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By Shivam Kumar  Mishra