Thokar, Mushkil, Takleef, Rukawaat, pahaad Pathar Image

कदम कदम पे संभलना ।

सिख एे इंसान ।

ये दुनिया ठोकरो से भरी हुई है ।

संभल गये तो ठीक ।

वरना लक्ष्य बदलना पड़ सकता है ।



ठोकर से बच के चलना ।

इस ज़िंदगी मे अगर एक बार ठोकर लगने पे भि नहीं संभले ।

तो ज़िंदगी दुश्वार हो जायगी ।


Thokar, Mushkil, Takleef, Rukawaat, pahaad Pathar Image
Pahaad Pathar Image
 

By Shivam  Kumar Mishra