bejatti, kadwi vaani

कोई कब तक सहे ।

हम कुछ ना कहे ।

चुप चाप शुने ।

चुभती वानी ।

जैसी जेहरिला पानी ।

ज़ालिम दुनिया ।

बेवफा सनम ।

प्यार भरी बाते ।

ये मुलाकाते 

झूठे वादे ।


जी के भि मरे ।

मर के भि जिए ।


By Shivam Kumar Mishra