phool, Kante, gulaab, gulab image

फूल मिले चाहे कांटे ।

हम आपस मे बांटे ।

ज़िंदगी उसिका नाम ।

मरना जीना एक समान ।


ज़िंदगी की व्यथा ।

एक अनसूनी गाथा ।

फूल मिले या काटे ।

हम उसे गले लगाते ।


गुलाब जैसे फूल मे ।

भि होते है कांटे ।

ज़िंदगी ज़ितनी आसान ।

उतनी है मुश्किल भि ।


फूल और कांटे ।

का अटूट रिश्ता ।


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By Shivam kumar Mishra