sardi, garmi, mausam, dhoop,

नया मौसम ।

आ रही है सर्दी ।

हमे पेहनी पड़ेगी मोटी वर्दी ।

चलती है ठंड़ी ह्वाये ।

हमे छूके जाये ।


वो चाय की चुशकिया ।

वो देर तक सोना ।

सपनो मे खोना ।

दिन हो जाते है छोटे ।

धूप और रजाई ।

बस और कुछ नहीं 


sardi, garmi, mausam, dhoop
  

By Shivam  Kumar Mishra

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