aatank, dhamaka, aatankvaad

सोच के दिल घबराता है ।

वो कोई कैसे कर जाता है ।

क्या उनके पास दिल नहीं ।

क्या उनका कोई जमीर नहीं ।

जो खून की नदिया बहाता है ।

वो चैन से कैसे सो पाता है ।

धमाका किये जाता है ।

कायरो ने रंग दिया ।

खून से धरती को ।

कितने बच्चो को अनाथ किया ।

कितने औरत को विधवा कर दिया ।

बेहेन से ऊसका भाई छींना ।

माता पीता से उनका तारा ।

भारत माता से उनका प्यारा ।


aatank, dhamaka, aatankvaad
  

By Shivam Kumar Mishra