इंसान, मनुष्य, आदमी, मानव, मानुष,,

इंसान मनुष्य, आदमी, 

 

इंसान बदल जाते है ।

दुख बड़ा पहुचाते है ।

सबको भूल जाते है ।

 खूब रूलाते है ।

प्यार हो या परिवार ।

या हो पूराना यार ।

मनुष्य,इंसान आदमी, मानव, मानुष
 Insaan image
 

इंसान की क्या बात करू ।

वो तो हर पल रंग बदलता है

मनुष्य,इंसान आदमी, मानव, मानुष
Insaan Image
 


By Shivam Kumar Mishra

Comments

Popular posts from this blog

[भगवान प्रेम शायरी] शिव पार्वती प्रेम शायरी हिंदी में [God love shayari ]shiv parvati love shayari in hindi

गंजा, Ganja Shayari, Bald, Baal

नींद की शायरी हिंदी में [ Sleeping Shayari ] in Hindi

शिव जी शायरी Shiv Ji Shayari

[ भोजन ] पर शायरी [ Shayari on food ]

Shiv Parvati Prem Shayari

[गुड मॉर्निंग मोटिवेशनल शायरी] हिंदी में [ Good Morning Motivational Shayari ] in Hindi

[पापा बेटी] शायरी [ Papa Beti ] shayari

शिव-पार्वती, Mahadev, Gauri, Shankar Shakti

corona ki dua, covid, dua pick