dharti, paryavaran, Dharti Photo


धरती मेरी प्यारी धरती ।

वो है माँ भारती ।

हम उनपे जुल्म है करते ।

वो सब कुछ चुप चाप सेहती ।


धीरे धीरे आहे भरती ।

हमारे लिए वो करती खुद को कुर्बान ।

कभी नहीं हमसे मांगे दान ।

हमे देती है वरदान ।


सब कुछ उसके बिना अधूरा ।

कुछ भि ना होता है पूरा ।

माँ की ममता का हम लाभ उठाते ।

सब कुछ उनसे ही पाते ।


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By Shivam Kumar Mishra