ghamand, dooriyan, doori,

पास से वो गुज़र गये ।

जिनके साथ कभी ।

उठना बैठना था ।

आज वो पास होकर भि दूर है ।

रिश्ते तो कोहीनूर है ।

पर हम घमंड मे चूर है ।

उफ़ ये मतभेद कर दिया ।

दिल मे छेद ।

ghamand, dooriyan, doori,

By Shivam Kumar Mishra