Maati, Mitti, Dhool, Dhooli, Soil Image

माटी से भि यारी रख ।

वो है बहोत प्यारी ।

माटी ना हो तो कुछ भि ना हो ।

माटी सहती लाखो कस्ट ।


हमे देती अपना तन मन और धन ।

वो है हमारी धरती माता का श्रीगार ।

 हम उनसे करते प्यार ।

माटी से जूड़ना सिखो ।

कर्ज चुका ना पाओगे ।

चाहे कितना भि कर जाओगे ।

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By Shivam Kumar Mishra