vartamaan, Chinta, Samay

वर्तमान मे जीना सीखो ।

कल की चिंता को त्याग कर ।

कल किसने देखा है ।

भागम भाग भरी ज़िंदगी मे ।

थोड़ा तो विशराम कर ।

जो बीत गयी वो बात गयी ।

अब क्या होगा सोचकर ।

ध्यान दे वर्तमान पर ।

ना कल की उड़ान पर ।

वर्तमान के ठहराव पर ।

उड़ान की चाह पर ।

कल की राह पर ।

वर्तमान को भूल मत जाना जो तुम्हारे पास है ।

उसको मत गवाना ।



vartamaan, Chinta, Samay

By Shivam Kumar Mishra

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