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क्यू ना मैं बचपन मे लौट जाऊ ।

खेलू कुदू और मौज मनाऊ ।

कितना अच्छा था ये बचपन ।

इसमे नहीं थी कोई चिंता ।

और ना कोई फिकर ।


कितने सच्चे और अच्छे थे हम 

ना कोई झूठ का जिकर ।

और ना कोई फरेब की फिकर ।


हमारे आंशु जैसे तलवार की धार ।

इसके सामने सब है झुकते ।

हमारी मांगे पूरा करते ।


बचपन ऊनका राज्य और बच्चे वहां के राजा ।

काश बचपन फिर से लौट आये ।

काश बचपन फिर से लौट आये ।


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 Baby Photo
 

By Shivam Kumar Mishra

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