dohre chehre Shayari

 

dohre chehre shayari

 

दोहरे चेहरे ।

नहीं इनपर कोई पेहरे ।

इनको वो खुद ही जाने ।

नहीं दूजा कोई पेहचाने ।

दिखते हैं वो भोले भाले ।

पर मन के हैं वो काले ।


dohre chehre Shayari
 dohre chehre pick
 

चेहरे पे चेहरा ।

छुपाये हुए हैं राज गेहरा ।

कोई पकड़ ना ये खूद को ऐसा बनायें ।

मूह पे प्यार ।

पीठ पे करे वारं ।


dohre chehre Shayari
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By Shivam Kumar Mishra

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