tyohar, utsav, samaroh, parv

tyohar, utsav, samaroh, parv

 

 

सोचो अगर त्योहार ना होते ।

तो कैसा होता ।

कितनी बेरंग हो जाती ये ज़िंदगी ।

अपनो के याद मे तड़ती य़े ज़िंदगी ।

बोझ हो जाती ये ज़िंदगी ।


ना मिलते कोई ऊपहार ।

ना मिल पाते अपनो से 

जो दूर था अपनो से वो कैसे अपने घर आ पाता ।


क्या पता वो कैसे जी पाता ।

खुशिया रूठ जाती ज़िंदगी से ।

क्या पता फिर हमे कौन हसाता ।

क्या होता ऊन कुम्भार का 

जो त्योहार का इंतेजार साल भर करते है ।

ताकी ऊनके दिये बीके ।

ऊनके घर भि खाना पके ।

ईश्वर को हम कब याद करते ।

कब ऊनहे शुक्रिया कहते ।

tyohar, utsav, samaroh, parv
tyohaar pick
 

By Shivam Kumar Mishra

Comments

Popular posts from this blog

[भगवान प्रेम शायरी] शिव पार्वती प्रेम शायरी हिंदी में [God love shayari ]shiv parvati love shayari in hindi

गंजा, Ganja Shayari, Bald, Baal

नींद की शायरी हिंदी में [ Sleeping Shayari ] in Hindi

[ भोजन ] पर शायरी [ Shayari on food ]

शिव जी शायरी Shiv Ji Shayari

Shiv Parvati Prem Shayari

रोमांटिक शायरी हिंदी में Romantic Shayari in Hindi

[गुड मॉर्निंग मोटिवेशनल शायरी] हिंदी में [ Good Morning Motivational Shayari ] in Hindi

[गुड मॉर्निंग शायरी] हिंदी में मजेदार [ Good Morning Shayari ] in Hindi funny

[पापा बेटी] शायरी [ Papa Beti ] shayari